- महाकाल की नगरी उज्जैन में RSS का ऐतिहासिक हिंदू सम्मेलन अभियान, 65 बस्तियों में एक साथ आयोजन का लक्ष्य
- महाकाल की नगरी में विदेशी पक्षियों का डेरा, उज्जैन के तालाबों में दर्ज हुईं 67 पक्षी प्रजातियाँ
- Ujjain Latest News: हिंदू सम्मेलन के संदेश को लेकर तीनबत्ती चौराहा पर हुआ सांस्कृतिक आयोजन, मंथन स्टूडियो और उज्जैन लाइव ने किए 2 गीत लॉन्च!
- इंडस्ट्रियलाइजेशन के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रधानमंत्री मोदी के सच्चे अनुयाई: अमित शाह
- नंदी हाल से गर्भगृह तक गूंजे मंत्र—महाकाल के अभिषेक, भस्मारती और श्रृंगार के पावन क्षणों को देखने उमड़े श्रद्धालु
मध्य प्रदेश सरकार ने तय की Covid-19 Test की कीमत
भोपाल: मध्य प्रदेश में कोरोना कहर बरपा रहा है. इसी बीच प्रदेश सरकार ने लोगों को राहत देते हुए 1200 रुपए में होने वाली कोरोना जांच की दर घटा दी है. आज सरकार की तरफ से कोरोना जांच की नई दरें तय की गई हैं. इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए गए हैं. जारी किए गए आदेश के अनुसार लोग अब निजी लैब में केवल 700 रुपए में जांच करवा सकेंगे.हालांकि घर से सैंपल कलेक्शन पर पहले की तरह 200 रुपए अतिरिक्त देने होंगे. यानी घर पर सैंपल देने पर लोगों को कुल 900 रुपए खर्च करने पड़ेंगे. वहीं सरकारी अस्पतालों में पहले की तरह कोरोना जांच फ्री में होगी.
कोरोना जांच की नई दरों के संबंध में जारी किए गए आदेश में पूरी जानकारी दी गई है.
मप्र में अब RT- PCR टेस्ट के लिए सैंपल कलेक्शन प्रयोगशाला में किया जाता है तो जांच शुल्क 700 रुपए प्रति मरीज लिया जाएगा. सैंपल कलेक्शन घर जाकर लेने पर 200 अलग से देने होंगे. इसमें सैंपल कलेक्शन, ट्रांसपोर्ट शुल्क, कंज्युमेबल, पीपीई किट सहित सभी अन्य शुल्क शामिल हैं.
Rapid Antigen Test से कोरोना जांच अस्पताल या प्रयोगशाला में करने पर 300 प्रति मरीज लिया जाएगा. घर जाकर सैंपल कलेक्शन करने पर 200 अलग से देने होंगे. इसमें सभी प्रकार के शुल्क शामिल होंगे. सैंपल लेते समय ही संबंधित व्यक्ति का नाम, पता, मोबाइल नंबर ऐप पर अपलोड किया जाए. उनकी जानकारी को गोपनीय रखना होगा.
कोविड -19 की जांच रिजल्ट राज्य सरकार और आईसीएमआर के साथ समय पर आईसीएमआर पोर्टल पर साझा करते करने के साथ ही आरटीपीसीआर ऐप पर भी अपलोड करना होगा.
जांच रिजल्ट संबंधित मरीजों को उपलब्ध करना होगा. इसके साथ ही पॉजिटिव आने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के साथ ही आईडीएसपी सेल को भी जानकारी देना होगी.
प्राइवेट लैब के साथ ही अस्पतालों के जांच से संबंधित डाटा संभालकर रखना होगा. साथ ही अस्पताल और प्रयोगशाला में निर्धारित दर की लिस्ट लगानी होगी. प्राइवेट लैब और अस्पतालों में एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति होना जरूरी है.